प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक मकान के अंदर जमीन में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नकदी मिलने का मामला सामने आया है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने खुदाई कर ड्रमों में रखी नोटों की गड्डियां बरामद कीं। शुरुआती जानकारी में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलने की बात सामने आई है। बरामद नकदी पांच करोड़ रुपये से अधिक होने की चर्चा है, जबकि कुछ खबरों में यह रकम 60 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। हालांकि, बरामद धनराशि की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर शाम पुलिस को एक मकान में जमीन के नीचे बड़ी मात्रा में नकदी छिपाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान की घेराबंदी की और तलाशी के दौरान खुदाई कराई। जमीन के भीतर दबे ड्रमों से नोटों की गड्डियां मिलने के बाद अधिकारियों ने नकदी को सुरक्षित रखने और उसकी गिनती कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।
खुदाई के दौरान निकले नोटों से भरे ड्रम

पुलिस को सूचना मिली थी कि बरईपुर रामनगर गांव स्थित एक मकान में बड़ी रकम जमीन के अंदर छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर पहुंची टीम ने जांच शुरू की। खुदाई के दौरान ड्रमों में रखी नकदी बरामद होने से मौके पर हलचल मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस अब बरामद रकम की गिनती और उसके सत्यापन में जुटी है। नकदी की वास्तविक मात्रा का पता आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे नकदी के स्रोत, उसके मालिकाना हक और उसे जमीन के भीतर छिपाकर रखने के कारणों को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रकम का किसी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंध तो नहीं है।
प्रारंभिक पड़ताल में पारिवारिक विवाद समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ खबरों में नकदी को पुणे से लाए जाने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आयकर विभाग समेत संबंधित एजेंसियों को दी गई सूचना
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद उसके स्रोत और संभावित वित्तीय लेनदेन की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। संबंधित एजेंसियों को सूचना दिए जाने की जानकारी है। जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि नकदी किसकी है, कहां से लाई गई और क्या इसे छिपाने के पीछे कोई गैरकानूनी गतिविधि थी।
फिलहाल, बरामद रकम को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस की जांच और नकदी की गिनती पूरी होने के बाद ही इस मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





