रिपोर्ट- संतेश्वर वर्मा
पटना। बिहार में 1,799 पदों पर दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। गुरुवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पटना में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर निकले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की। हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी।
गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च 
दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने से नाराज अभ्यर्थी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से बाहर निकले। यहां से उन्होंने जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहे के रास्ते मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों की योजना को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क था। गांधी मैदान के आसपास के अलावा जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
बैरिकेडिंग पार करने पर पुलिस ने हिरासत में लिया 
प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया। अपने साथियों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क से हटाया और वाहनों में बैठाकर ले गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से हल्का बल प्रयोग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
तेज बारिश के बीच भी डटे रहे अभ्यर्थी
पटना में तेज बारिश के बावजूद अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। डाक बंगला चौराहे पर पुलिस ने वाटर कैनन भी तैनात किया था। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और प्रमुख मार्गों पर आवाजाही को नियंत्रित करने के इंतजाम किए। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
पांच अभ्यर्थियों की टीम को बातचीत के लिए भेजा गया
प्रदर्शन के बीच अभ्यर्थियों की मांगों पर बातचीत की पहल भी की गई। प्रशासन की ओर से पांच अभ्यर्थियों की एक टीम को आयोग के अधिकारियों से बातचीत के लिए भेजा गया। अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को वापस लेने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें रख रहे हैं। हालांकि, बातचीत के बाद क्या निर्णय हुआ, इसकी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मुख्य परीक्षा रद्द होने से नाराज हैं अभ्यर्थी
दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के बाद से अभ्यर्थी लगातार विरोध जता रहे हैं। राज्य सरकार ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था। इस निर्णय से नाराज अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी मां




