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चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 5 लोगों की मौत; चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह से मांगी मदद

रिपोर्ट-संतेश्वर वर्मा

आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया है कि राज्य में चक्रवात अर्नब के कारण पांच लोगों की मौत हुई है। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राज्य में तूफान से हो रहे नुकसान, उसके प्रभाव और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी है। उन्होंने जल्द से जल्द केंद्रीय टीमों को राज्य भेजने और राहत, पुनर्वास व बहाली के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया है।

दरअसल, बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब मंगलवार की आधी रात (27 अक्टूबर) को आंध्र प्रदेश और यानम तट से टकराने के बाद कई राज्यों में तबाही मचा रहा है। अर्नब के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। चक्रवात से हुए नुकसान का शुरुआती आकलन किया जा रहा है।

तबाही मचाने के बाद उत्तर की ओर बढ़ रहा अर्नब

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात अर्नब अब कमजोर हो गया है। बीते छह घंटों में यह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है, जबकि इसका निम्न दबाव क्षेत्र भी लगातार कमजोर होता जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि 28 अक्टूबर की रात 11:30 बजे इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के पास, दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी तेलंगाना से सटे क्षेत्र में था।

इसी कारण आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक तबाही हुई है। राज्य में हो रही तेज बारिश के कारण 16 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। सबसे अधिक बारिश मुख्य रूप से राज्य के उत्तरी हिस्से के जिलों के साथ-साथ काकीनाडा, कोनासीमा और पूर्वी गोदावरी जिलों में हो रही है।

चक्रवात का दिल्ली-NCR से सिक्किम तक दिख रहा असर

दिल्ली-NCR और उससे सटे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चक्रवात का असर देखने को मिला। शुक्रवार की सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई। केदारनाथ तथा सिक्किम में बर्फबारी जारी है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा रही। 30 अक्टूबर को भी राज्य में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है।

तूफान से गिरे बिजली के खंभे, उखड़े पेड़, कई सड़कें बंद

भीषण चक्रवात का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। सैकड़ों की संख्या में बिजली के खंभे गिर गए हैं। हजारों की संख्या में पेड़ उखड़ गए हैं। बिजली के खंभे और पेड़ों के गिरने से कई सड़कें बंद हो गई हैं। बिजली बहाल करने के लिए पड़ोसी राज्य तेलंगाना से मदद मांगी गई है।

ओडिशा के कई जिलों में आई बाढ़

चक्रवात अर्नब का असर ओडिशा के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी के तट के पास ब्रह्मपुर (गंजम) और गजपति जिले में भारी तबाही मची है। तूफान के कारण समुद्र का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे करीब 43,000 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के बाद लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नुकसान की दी जानकारी

आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ एक समीक्षा बैठक में बताया कि अर्नब के प्रभाव से कोनासीमा जिले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। काकीनाडा जिले और उत्तरी आंध्र के जिलों में भी सैकड़ों खंभे गिर गए हैं।

उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के कई क्षेत्रों में बिजली की लाइनें और तार पूरी तरह टूट गए हैं। इससे तटीय क्षेत्रों के कई गांवों और कस्बों में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है।

किसानों को हुआ भारी नुकसान

तूफान अर्नब से किसानों को भी काफी नुकसान हुआ है। हजारों एकड़ में कटाई के लिए तैयार धान की फसल बर्बाद हो गई है। कोनासीमा की मुख्य फसल नारियल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गोदावरी घाटी में केले और जलीय कृषि सहित प्रमुख फसलों की खेती पर गंभीर असर पड़ा है। भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ से हजारों एकड़ में फैली फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से मांगी मदद

राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि अर्नब से आंध्र प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमें भेजने का अनुरोध किया है।

पत्र में बताया गया है कि चक्रवात से राहत कार्यों के लिए 16 जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 11 टीमें तैनात की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, 180 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 220 से अधिक पेड़ सड़कों पर गिर गए हैं।

पत्र में यह भी बताया गया है कि तटीय क्षेत्रों में कई जगहों पर सड़कें नष्ट हो गई हैं और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। चक्रवात का असर कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ले और कृष्णा जिलों में गंभीर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात से हुए नुकसान का व्यापक आकलन करने के बाद केंद्र को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने केंद्र से राहत कार्यों में एनडीआरएफ और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग जारी रखने की अपील की।

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