राहुल गांधी की सांसदों को सख्त हिदायत, प्रदर्शन में गैरहाजिर रहने वालों की बनेगी लिस्ट
Rahul Gandhi News: चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। दिल्ली में लगातार तीसरे दिन विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ाया। इसी बीच कांग्रेस के भीतर भी प्रदर्शन में सांसदों की भागीदारी को लेकर सख्ती की खबर सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल को निर्देश दिया है कि प्रदर्शन में कांग्रेस सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों के प्रदर्शन में कौन-कौन से सांसद शामिल हुए और कौन अनुपस्थित रहे, इसका रिकॉर्ड तैयार करने को कहा गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, यदि कोई सांसद बिना संतोषजनक कारण के प्रदर्शन से गैरहाजिर पाया जाता है तो उससे जवाब मांगा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर ऐसे सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में कांग्रेस की ओर से औपचारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।
तीन दिन से दिल्ली की सड़कों पर विपक्ष का प्रदर्शन
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA ब्लॉक का आंदोलन पिछले तीन दिनों से दिल्ली में जारी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
राहुल गांधी इस आंदोलन में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। 7 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
8 अक्टूबर को भी INDIA ब्लॉक ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों के लिए लंच बैठक आयोजित की, जिसके बाद प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
सांसदों की मौजूदगी पर कांग्रेस ने बढ़ाई सख्ती
लगातार हो रहे प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पार्टी के सभी सांसद आंदोलन में सक्रिय रूप से दिखाई दें। राहुल गांधी की ओर से कथित तौर पर केसी वेणुगोपाल को सांसदों की उपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सूची में यह दर्ज किया जाएगा कि पिछले दो दिनों में कौन-कौन से सांसद प्रदर्शन में मौजूद रहे और कौन नहीं पहुंचे। यदि कोई सांसद बिना उचित वजह के अनुपस्थित रहा तो उससे स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।
इस कदम को कांग्रेस के भीतर आंदोलन को लेकर गंभीरता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी चाहती है कि SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर उसका विरोध सिर्फ बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क से लेकर संसद तक सभी सांसद एकजुट नजर आएं।
राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से भी की बातचीत
कांग्रेस के इस आंदोलन को विपक्षी INDIA ब्लॉक के कई दलों का समर्थन मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने गठबंधन के प्रमुख नेताओं से बातचीत कर उन्हें दिल्ली आने और आंदोलन को मजबूत करने का आग्रह किया है।
इन नेताओं में ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। विपक्षी दलों की कोशिश है कि SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को संयुक्त विपक्ष के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
8 अक्टूबर को कांग्रेस की ओर से आयोजित विपक्षी सांसदों की बैठक में समाजवादी पार्टी, शिवसेना-यूबीटी, एनसीपी-एससीपी और अन्य सहयोगी दलों के नेता भी नजर आए। PTI के मुताबिक, इससे पहले जिन कुछ दलों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे, वे भी बाद की बैठक में शामिल हुए।
ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंचीं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भी SIR के मुद्दे पर विपक्षी रणनीति का हिस्सा बनने के लिए दिल्ली पहुंची हैं। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। इस प्रतिनिधिमंडल में ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
ममता बनर्जी ने दिल्ली आने से पहले कहा कि वह राष्ट्रपति से मुलाकात करना चाहती हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े अपने सवाल राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी में हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए विपक्ष की ओर से 15 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया गया था, जबकि सूत्रों के अनुसार 10 नेताओं को मिलने की अनुमति मिलने की बात सामने आई है।
ममता ने कहा- रणनीति के बारे में कुछ नहीं बताएंगे
ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे को लेकर मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि विपक्ष की आगे की रणनीति सार्वजनिक नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली बुलाया गया है और आगे की कार्रवाई गठबंधन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद तय होगी।
ममता ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार की बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई और कहा कि उनके साथ जो हुआ, वह उचित नहीं था।
जंतर-मंतर जाने की कोशिश, पुलिस ने रोका
INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। विपक्ष का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान स्पष्ट किया कि विपक्ष तब तक आंदोलन जारी रखेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
8 अक्टूबर को विपक्षी सांसद राजघाट भी पहुंचे और वहां मौन प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई विपक्षी सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं और इसे लेकर पारदर्शिता के सवाल हैं।
वहीं, चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि केंद्र की राजनीति में भी बड़ा विवाद बन चुका है।
आगे क्या होगा?
INDIA ब्लॉक ने साफ संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शन, विपक्षी दलों की बैठकें और राष्ट्रपति से मुलाकात की कोशिश से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
कांग्रेस के लिए भी यह आंदोलन संगठनात्मक एकजुटता दिखाने का बड़ा मौका है। राहुल गांधी की ओर से सांसदों की उपस्थिति को लेकर सख्ती की खबर इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस गैरहाजिर सांसदों से किस तरह का स्पष्टीकरण मांगती है और INDIA ब्लॉक राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अपनी अगली रणनीति क्या तय करता है।





