CJP संस्थापक ने प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्षी नेताओं की हिरासत पर उठाए सवाल; 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का किया ऐलान।
रिपोर्ट – संतेश्वर वर्मा
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है। गुरुवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे अपने ही देश के नागरिकों के खिलाफ जंग जैसा बताते हुए सवाल किया कि आखिर तिरंगा फहराना कानून का उल्लंघन कैसे हो सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष और अभिनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज भी मौजूद रहे। इस दौरान विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई, हिरासत और राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई।
प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर केंद्र सरकार को घेरा
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद छात्रों, युवा प्रदर्शनकारियों, विपक्षी नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों तक को हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण विरोध के जवाब में दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती क्यों की गई।
दीपके ने ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनराई विजयन जैसे विपक्षी नेताओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने केंद्र की कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
तिरंगे के साथ प्रदर्शन पर कार्रवाई क्यों?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दीपके ने सवाल किया कि तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों के साथ इतनी सख्ती क्यों बरती जा रही है। उनके मुताबिक, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैनाती से ऐसा माहौल बन रहा है, मानो राजधानी को किले में बदल दिया गया हो।
उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हवाला देते हुए सरकार से इस कार्रवाई पर जवाब मांगा।
16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च
अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली में तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान करते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचने का आह्वान किया।
दीपके के अनुसार, इस मार्च के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना अपराध नहीं होना चाहिए। उन्होंने दिल्ली नहीं पहुंच पाने वाले लोगों से भी अपने-अपने शहरों में तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की।
विपक्ष ने भी हिरासत की कार्रवाई पर जताई आपत्ति
CJP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने भी कार्रवाई की आलोचना की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर आपत्ति जताई। वहीं, अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने विरोध प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। अब 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च पर सबकी नजरें रहेंगी।





