Punjab Employees Strike: पंजाब में 3 लाख सरकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर, DA और पुरानी पेंशन को लेकर प्रदर्शन
Punjab Employees Strike: पंजाब में करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारियों के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाने से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन का असर सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ पंजाब रोडवेज और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) की बस सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
DA बकाया और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करना शामिल है। इसके अलावा, प्रोबेशन अवधि के दौरान वेतन से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग भी की जा रही है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई संतोषजनक फैसला नहीं हुआ है। इसी नाराजगी के चलते कर्मचारियों ने दो दिन सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर विरोध जताने का निर्णय लिया है।
18 प्रतिशत DA की मांग, 8 प्रतिशत देने की चर्चा से नाराजगी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कर्मचारी हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान चाहते हैं। कर्मचारियों की ओर से 18 प्रतिशत DA की मांग उठाई जा रही है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान से हाल में हुई मुलाकात के बाद 8 प्रतिशत DA दिए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। कर्मचारी इसे अपनी मांगों के मुकाबले अपर्याप्त मान रहे हैं।
पंजाब रोडवेज और PRTC की बस सेवाओं पर असर की आशंका
आंदोलन का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज और PRTC में कार्यरत संविदा चालक, परिचालक और मैकेनिक नियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं। इनके आंदोलन में शामिल होने से कुछ मार्गों पर बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
बस सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और अन्य यात्रियों को परेशानी हो सकती है। वहीं, सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से आम लोगों के जरूरी काम भी अटक सकते हैं।
सरकार के फैसले पर टिकी कर्मचारियों की नजर
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रह सकता है। अब सभी की नजर पंजाब सरकार के अगले कदम पर है। सरकार की ओर से मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है, इससे आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।





