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भारत दौरे पर मार्को रुबियो: जयशंकर से मुलाकात, पाकिस्तान पर बड़ा बयान; मुकेश अंबानी से भी मिले

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर रुबियो ने जताई उम्मीद, जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी का किया दौरा

रिपोर्ट: संतेश्वर वर्मा

नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दो दिवसीय भारत दौरे के दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार समझौते और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। रुबियो ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक की। इसके अलावा उन्होंने उद्योगपति मुकेश अंबानी से मुलाकात की और गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा किया।

ताज महल पैलेस में 26/11 के पीड़ितों को श्रद्धांजलि

भारत पहुंचने के बाद मार्को रुबियो मुंबई के ताज महल पैलेस पहुंचे, जहां उन्होंने 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार, रणनीतिक निवेश, उभरती प्रौद्योगिकियों और रक्षा सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।

भारत के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि वाशिंगटन अन्य देशों के साथ अपने रिश्तों को नई दिल्ली के हितों की कीमत पर आगे नहीं बढ़ाना चाहता। पाकिस्तान और चीन को लेकर भारत की चिंताओं के बीच उनका यह रुख अहम माना जा रहा है।

अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल

जयशंकर से मुलाकात के बाद रुबियो मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। यहां अमेरिकी राजदूत की ओर से आयोजित ‘फ्रीडम 250’ रिसेप्शन में उन्होंने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

पाकिस्तान पर रुबियो का बयान, बोले- बातचीत जरूरी

पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान में मार्को रुबियो ने कहा कि उसके पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे में उसके साथ बातचीत बनाए रखना जरूरी है।

रुबियो ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि देश अपनी विदेश नीति के तहत अलग-अलग देशों के साथ संबंध बनाए रखते हैं। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, कूटनीतिक बातचीत से उन गतिविधियों को रोकने में मदद मिल सकती है जो भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ाती हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जल्द सहमति की उम्मीद

मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं और इसे महीनों के बजाय कुछ ही हफ्तों में पूरा किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार प्रतिनिधि समझौते से जुड़ी बातचीत संभाल रहे हैं और वह सीधे तौर पर वार्ता में शामिल नहीं हैं। हालांकि, वह इसकी प्रगति पर नजर रख रहे हैं।

रुबियो ने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण समझौते की सार्वजनिक घोषणा से पहले उसके सभी बिंदुओं पर सहमति होना जरूरी है। उनके अनुसार, अधूरी तैयारी के साथ घोषणा करने से दोनों देशों के महत्वपूर्ण संबंधों पर अनावश्यक जोखिम पैदा हो सकता है।

भारतीय नाविकों की मौत का भी किया जिक्र

इंटरव्यू के दौरान रुबियो ने समुद्री जहाजों पर होने वाले हमलों और भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से जहाजों की रक्षा करने के प्रयास कर रहा है।

उनके मुताबिक, जहाजों को निशाना बनाने के लिए दागे गए कई ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर जहाजों तक पहुंच जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं।

जामनगर में मुकेश अंबानी से मुलाकात, रिलायंस रिफाइनरी का दौरा

भारत दौरे के दौरान मार्को रुबियो गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी परिसर भी पहुंचे, जहां उन्होंने उद्योगपति मुकेश अंबानी से मुलाकात की।

बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात और रिफाइनिंग क्षमता से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। खबर के अनुसार, वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात और प्रस्तावित बड़े रिफाइनरी निवेश जैसे विषय भी बातचीत में शामिल रहे।

रुबियो ने जामनगर में वंतारा का भी दौरा किया।

भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी की मुलाकात

अपने भारत दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और नेताओं से भी मुलाकात की। बैठकों में अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों के निवेश, ऊर्जा सहयोग और दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

मार्को रुबियो का यह दौरा ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब भारत और अमेरिका व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

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