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# राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसद हिरासत में, चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकाला। विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और चुनाव आयोग से जवाब मांगने के लिए यह प्रदर्शन किया। दिनभर चले घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, करीब 50 सांसदों समेत लगभग 250 लोगों को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया। पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में जारी धरना भी समाप्त कराया। विपक्षी नेता वहां चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग करते हुए बैठे थे।

## संसद परिसर से शुरू हुआ मार्च

विपक्षी सांसदों का मार्च संसद परिसर से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ा। पुलिस ने चुनाव आयोग कार्यालय और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की थी। जंतर-मंतर के पास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा कि उसे सोशल मीडिया के माध्यम से मार्च की जानकारी मिली थी, लेकिन प्रदर्शन के लिए औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी। पुलिस के मुताबिक, मार्च सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पहले बैरिकेड को पार किया और नीति आयोग के पास लगाए गए दूसरे बैरिकेड तक पहुंचे। पुलिस ने उन्हें लौटने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

## आकाशवाणी भवन में धरना और हिरासत

प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और कांग्रेस के अन्य सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जता रहे थे और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने धरना समाप्त कराया और नेताओं को वहां से हटाया।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को किंग्सवे कैंप ले जाया गया। कांग्रेस नेताओं ने हिरासत की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़ा मामला बताया।

## खरगे ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर कहा कि राहुल गांधी शांतिपूर्ण ढंग से बैठकर चुनाव आयुक्तों से मिलने की मांग कर रहे थे। उन्होंने हिरासत को संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल उठाने वाली कार्रवाई बताया। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है।

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उनके अनुसार, धरने पर बैठे विपक्षी नेताओं को बलपूर्वक हटाने से लोकतांत्रिक विरोध की जगह पर चिंता पैदा होती है।

## चुनाव आयोग और विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप

विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आयोग की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए कहा कि विपक्ष की शिकायतें नई नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग का व्यवहार ऐसा प्रतीत होता है मानो केवल भाजपा समर्थकों के हितों को महत्व दिया जा रहा हो।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा कि शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए आयोग से औपचारिक मुलाकात का समय नहीं मांगा था। आयोग ने अपने तीन सदस्यीय निकाय में मतभेद के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

## राष्ट्रपति से मिलने की भी योजना

INDIA ब्लॉक ने कहा है कि उसके नेता एसआईआर से जुड़ी चिंताओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने भी रखेंगे। यह विरोध कार्यक्रम 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की बैठक के बाद घोषित किया गया था।

प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि आयोग ने अपने फैसलों और कार्यप्रणाली का बचाव किया। हिरासत को लेकर पुलिस और विपक्ष के अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।

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