UP Congress President: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस अपने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी करती नजर आ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को बदले जाने और उनकी जगह कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
सूत्रों और सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, संगठन में बदलाव की स्थिति में अजय राय को पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक OBC तथा एक मुस्लिम नेता को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना की भी चर्चा है। यानी बदलाव सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष तक सीमित रहने के बजाय संगठन के दूसरे पदों पर भी देखने को मिल सकता है।
राहुल गांधी से अजय राय की मुलाकात
यूपी कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच अजय राय की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात भी हुई है। बताया गया कि 30 सितंबर को दोनों नेताओं के बीच अलग से बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई।
इससे पहले सितंबर महीने में भी यूपी कांग्रेस के संगठन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठकें हुई थीं। कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने राजेंद्र पाल गौतम, अजय राय और आराधना मिश्रा सहित प्रदेश के नेताओं के साथ संगठनात्मक बदलाव और नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चर्चा की थी।
राजेंद्र पाल गौतम की भूमिका पर भी नजर
जून 2026 में राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उनके आने के बाद से ही प्रदेश संगठन में बदलाव की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।
कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि गौतम ने यूपी कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी राय रखी है। हालांकि, अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सितंबर में राजेंद्र पाल गौतम, अजय राय और आराधना मिश्रा कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी साथ दिखाई दिए। 25 सितंबर को लखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान तीनों नेताओं की मौजूदगी ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी।
कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता की भूमिका निभा रही हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं।
रामपुर खास सीट पर तिवारी परिवार का लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। प्रमोद तिवारी इस सीट से लगातार नौ बार विधायक रह चुके हैं। आराधना मिश्रा भी रामपुर खास से तीन बार विधानसभा चुनाव जीत चुकी हैं।
कांग्रेस के संगठन और चुनावी अभियानों में आराधना मिश्रा सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। वह प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कई राजनीतिक कार्यक्रमों में भी नजर आ चुकी हैं और कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान से भी जुड़ी रही हैं।
प्रमोद तिवारी से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा
8 सितंबर को यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने दिल्ली में प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा से मुलाकात की थी। बताया गया कि यह मुलाकात प्रमोद तिवारी का हालचाल जानने के लिए हुई थी। हालांकि, इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं।
इसी अवधि में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई। पार्टी की ओर से जिला कांग्रेस कमेटियों के लिए नए अध्यक्षों की नियुक्ति और प्रदेश संगठन में बदलाव की तैयारी की जा रही है।
सपा के साथ गठबंधन भी बड़ी चुनौती
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित सीट बंटवारे का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस गठबंधन के तहत 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों का अंतिम फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है।
ऐसे में कांग्रेस के लिए प्रदेश संगठन में बदलाव के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की रणनीति भी अहम होगी। फिलहाल अजय राय को लेकर अंतिम फैसला और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर किसी नए चेहरे की नियुक्ति पर कांग्रेस हाईकमान की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।





