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बीमार बेटे के इलाज के लिए आई मां से साफ करवाया फर्श और लगवाया पोंछा, वीडियो वायरल होने पर हरकत में आया प्रशासन
रिपोर्ट – संतेश्वर वर्मा
दमोह : जिला अस्पताल में बीमार बेटे का इलाज कराने पहुंची महिला का पुरुष वार्ड में फर्श साफ करते और टेबल पर पोंछा लगाने का जिसका वीडियो वायरल हुआ है। महिला ने नर्सिंग स्टाफ पर सफाई कराने का आरोप लगाया। हालांकि, मामला सामने आने के बाद प्रबंधन ने ड्यूटी पर तैनात नर्स, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक को नोटिस जारी किए हैं।
मध्य प्रदेश। दमोह जिला अस्पताल में अपने बीमार बेटे का इलाज कराने पहुंची एक मां से पुरुष वार्ड में पोछा लगाने का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की सफाई व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला का आरोप है कि वार्ड में गंदगी फैलने के बाद ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने उसे फर्श और कुर्सी साफ करने के लिए कहा था। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मचारियों और सफाई एजेंसी से जवाब मांगा है।
जानकारी के मुताबिक, तेजगढ़ क्षेत्र के सिमरिया गांव की रहने वाली हल्की बहू अपने बीमार बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। महिला ने बताया कि उसके बेटे को दस्त की शिकायत थी। उपचार के दौरान पुरुष वार्ड में फर्श पर गंदगी फैल गई। महिला का आरोप है कि उसे ही फर्श साफ करने के लिए कहा गया, जिसके बाद उसने पोछा लगाया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, महिला से किन परिस्थितियों में सफाई कराई गई और उसे ऐसा करने के लिए किसने कहा, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
55 सफाईकर्मियों की तैनाती, हर महीने लाखों खर्च
मामले में अस्पताल की सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से तीन सुपरवाइजर और 52 सफाईकर्मियों सहित कुल 55 कर्मचारी तैनात हैं। अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सफाई व्यवस्था पर हर महीने करीब आठ से नौ लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में सवाल है कि जब सफाई के लिए कर्मचारियों की तैनाती है और इस मद में हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो वार्ड में गंदगी साफ करने की जिम्मेदारी मरीज की मां पर क्यों आई? संबंधित समय पर सफाईकर्मियों की उपलब्धता और वार्ड की सफाई व्यवस्था की निगरानी भी जांच के दायरे में रहेगी।
वीडियो सामने आने पर प्रबंधन ने जारी किए नोटिस
वीडियो वायरल होने के बाद जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि संबंधित ड्यूटी नर्सिंग ऑफिसर, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है। सिविल सर्जन के मुताबिक, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, संबंधित पक्षों के जवाब और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है।





