सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर भड़के अभिजीत दीपके, PM मोदी को दी चुनौती; बोले- हिम्मत है तो इमरजेंसी घोषित कीजिए
रिपोर्ट – संतेश्वर वर्मा
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश में विरोध प्रदर्शनों को लेकर सख्ती बरती जा रही है, तो सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया में इमरजेंसी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री को चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में तिरंगे के साथ प्रदर्शन करने पर भी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से शांतिपूर्ण विरोध और नागरिकों के अधिकारों को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
रत्ना सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर जताई चिंता
सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान कानूनी प्रक्रिया का उचित तरीके से पालन नहीं किया गया। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से मुलाकात को लेकर भी चिंता जताई गई।
अजिंक्य शिंदे ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कार्यकर्ताओं से विरोध जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी स्थान पर रोकती है, तो वे वहीं अपनी आवाज उठाएं। उनके इस बयान को पार्टी की ओर से आंदोलन जारी रखने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कायम CJP
सीजेपी के अन्य नेताओं ने भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर पार्टी का विरोध आगे भी जारी रहने के संकेत मिले हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस घटना के बाद पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सीजेपी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन के अधिकार को लेकर सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में पार्टी की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी।





