रिपोर्ट: संतेश्वर वर्मा
आंध्र प्रदेश: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों में दस्तक देने के बाद जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि हवा के तेज झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की बात कही गई है। भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच बिजली का करंट लगने से दो लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है और बाढ़ की आशंका के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। 
तूफान के कारण रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। खबर के मुताबिक, 100 से अधिक ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि कई उड़ानों का संचालन भी रोकना पड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं।
करंट लगने से दो लोगों की मौत

चक्रवात के दौरान आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और अनकापल्ली जिलों में बिजली का करंट लगने से दो लोगों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, विशाखापट्टनम जिले में मंगलवार रात टूटे बिजली के तार की चपेट में आने से 53 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, अनकापल्ली जिले के येल्लामंचिली शहर में बुधवार सुबह 55 वर्षीय महिला अपने घर के बाहर खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहने और जलभराव वाले इलाकों में सतर्कता बरतने की अपील की है।
ओडिशा में भी बारिश से बिगड़े हालात
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है। चांदबली और धामनगर में 50 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होने की जानकारी सामने आई है। भद्रक जिले में भी सुबह से बारिश जारी रहने की खबर है।
मौसम विभाग ने राज्य के छह जिलों—गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, नबरंगपुर, कोरापुट और मल्कानगिरी—में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन जिलों के कुछ हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश होने का भी अनुमान है।
तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवात
तटीय इलाकों से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान की तीव्रता में कमी आने की जानकारी दी गई है। शुरुआती तौर पर बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रहा यह सिस्टम कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया है। हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में खतरा बना हुआ है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन तैयारियों की समीक्षा की है। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के साथ भुवनेश्वर में उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर से जुड़ी उड़ानों में भी देरी हो सकती है।
प्रभावित क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए कई उड़ानें रद्द किए जाने की जानकारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।
कोलकाता एयरपोर्ट पर भी उड़ानें प्रभावित
चक्रवात के कारण मौसम बिगड़ने के बाद कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कई उड़ानें रद्द की गई हैं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आने और जाने वाली उड़ानों के संचालन में एहतियाती बदलाव किए गए हैं।
श्रीकाकुलम के 167 गांवों में बाढ़ का अलर्ट
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में नुकसान की खबर है। धान की फसल वाले खेतों में पानी भरने से कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने जिले के 167 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है।
राहत और बचाव के लिए NDRF-SDRF तैनात
आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए पहले से तैयारियां की हैं। खबर के अनुसार, राज्य में 2,199 चक्रवात राहत आश्रय स्थलों की पहचान कर उन्हें सक्रिय किया गया है। संवेदनशील जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 12 और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
प्रशासन का जोर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और संभावित बाढ़ से निपटने पर है। मौसम की स्थिति को देखते हुए तटीय इलाकों में निगरानी और बचाव अभियान जारी रखने की जरूरत है।





