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CJP का ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला, सौरव दास बोले- ‘व्यवस्था बदलने में हर नागरिक की भूमिका जरूरी’

Cockroach Janta Party (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा है कि देश में किसी भी तरह के बदलाव के लिए सिर्फ एक समूह या संगठन पर निर्भर रहने के बजाय आम लोगों की भागीदारी जरूरी है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियान तेज करने का ऐलान किया है।

सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में समाज के एक हिस्से में यह धारणा बनी कि देश की जिम्मेदारी सिर्फ उसी की है। उनके मुताबिक, युवाओं ने इस सोच को चुनौती दी है और अब व्यवस्था में बदलाव की कोशिश में हर नागरिक की भागीदारी होनी चाहिए।

उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि उनके प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

CJP ने 24 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्हें 48 घंटे का समय दिया था। संगठन ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ जैसा प्रदर्शन किया जाएगा।

संगठन ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए चुनाव आयोग से अधिक पारदर्शिता की मांग की है।

SIR को लेकर भी CJP ने उठाए सवाल

CJP ने Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी रिकॉर्ड के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि SIR से संबंधित प्रक्रियाओं की स्वतंत्र जांच हो और मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव के लिए पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

CJP ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े अपने अभियान को ‘Election Commission Thik Karo’ नाम दिया है। संगठन ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग भी रखी है।

CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?

संगठन की ओर से रखी गई मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के अलावा SIR से संबंधित प्रक्रियाओं पर रोक, पुराने मतदाता रिकॉर्ड की बहाली और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव शामिल हैं। CJP ने संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और स्वतंत्र जांच की मांग भी की है।

हालांकि, ये CJP की मांगें और आरोप हैं। चुनाव आयोग ने अलग-अलग आयुक्तों के बीच मतभेदों को सामान्य आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है और कहा है कि SIR समेत पिछले वर्ष के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

पहले भी प्रदर्शन कर चुका है CJP

CJP इससे पहले NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर चुका है। इसके बाद संगठन ने सरकारी स्कूलों और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी अभियान चलाया।

अब CJP ने अपना फोकस चुनाव आयोग और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित किया है। सौरव दास के बयान के मुताबिक, संगठन इस अभियान में युवाओं समेत अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी चाहता है।

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