दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर 20 अक्टूबर को सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। पोस्टरों पर QR कोड भी था, जिसके जरिए लोगों को ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने का निमंत्रण दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने पोस्टर जब्त कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 के तहत FIR दर्ज की है। मामले की जांच में स्पेशल सेल भी जुटी है। फिलहाल पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट- संतेश्वर वर्मा
दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। मेट्रो ट्रेन की एक सीट पर दो पोस्टर चिपकाए गए थे। इन पोस्टरों पर सरकार की योजनाओं और अभियानों को लेकर सवाल उठाए गए थे। साथ ही, पोस्टरों पर एक QR कोड भी मिला, जिसके जरिए लोगों को ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने का निमंत्रण दिया गया था। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों पोस्टर जब्त कर लिए और FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी जांच में शामिल हो गई है।
20 अक्टूबर को सामने आया था मामला
FIR के मुताबिक, यह घटना 20 अक्टूबर की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के ट्रेन ऑपरेटर तरुण चौधरी उस दिन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर ड्यूटी कर रहे थे। वह शाम करीब 6:50 बजे नई दिल्ली स्टेशन से यशोभूमि स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। ट्रेन लगभग 7:15 बजे अपने गंतव्य पर पहुंची।
FIR में दर्ज विवरण के अनुसार, ट्रेन के केबिन के अंदर से निरीक्षण के दौरान तरुण चौधरी की नजर एक सीट पर चिपके दो पोस्टरों पर पड़ी। उन्होंने तत्काल पोस्टर हटाए और इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों तथा ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर को दी।
इसके बाद उन्हें पोस्टर द्वारका सेक्टर-21 के स्टेशन कंट्रोलर को सौंपने के निर्देश दिए गए। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मेट्रो एक्ट के तहत FIR
पुलिस ने पोस्टर जब्त कर मामले में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्टर किसने चिपकाए, इसके पीछे किसका हाथ है और QR कोड के जरिए लोगों को किस ऑनलाइन ग्रुप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी जांच में जुट गई है। फिलहाल पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके मकसद को लेकर जांच जारी है।
पोस्टरों पर क्या लिखा था?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले पोस्टर पर अंग्रेजी में “You Can Change Your Own Life” यानी ‘आप अपनी जिंदगी बदल सकते हैं’ जैसे शब्द लिखे थे। इसके साथ ही “Voting Protest”, “Spectrum of Engagement” और “Community Building Reform” जैसे वाक्यांश भी मौजूद थे।
दूसरे पोस्टर पर “Dissatisfied? You Are Not Alone” यानी ‘क्या आप असंतुष्ट हैं? आप अकेले नहीं हैं’ शीर्षक दिया गया था। इसमें सरकार की योजनाओं और अभियानों पर सवाल उठाए गए थे। पोस्टरों पर मौजूद QR कोड के जरिए लोगों को एक ऑनलाइन समूह से जुड़ने का आमंत्रण भी दिया गया था।
पुलिस खंगाल रही है QR कोड और पोस्टरों से जुड़े सुराग
जांच एजेंसियां पोस्टरों की सामग्री, QR कोड और उन्हें मेट्रो ट्रेन में चिपकाने वाले व्यक्ति की पहचान से जुड़े सुरागों की पड़ताल कर रही हैं। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पोस्टर किसी व्यक्ति ने लगाए थे या इसके पीछे कोई संगठित समूह शामिल है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पोस्टर लगाने वाले संदिग्ध की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले के पीछे की मंशा और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





