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प्रशांत किशोर की टीम के सदस्य देवपालिक गुप्ता की मौत, रांची में रेलवे ट्रैक के पास मिला शव

प्रशांत किशोर की टीम से जुड़े देवपालिक गुप्ता का शव रांची के अनगड़ा क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास मिला है। वह रांची से पटना जाते समय लापता हो गए थे। पुलिस उनकी मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

रिपोर्ट- प्रीती पांडेय

रांची। जन सुराज की डिजिटल टीम से जुड़े देवपालिक गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। रांची से पटना की यात्रा के दौरान लापता हुए 31 वर्षीय देवपालिक का शव झारखंड के अनगड़ा क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास झाड़ियों से बरामद किया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद जन सुराज से जुड़े लोगों और उनके परिचितों में शोक का माहौल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन में सफर के दौरान लापता होने के बाद उनके साथ क्या हुआ।

सफर के बीच अचानक गायब हो गए थे देवपालिक

मिली जानकारी के अनुसार, देवपालिक गुप्ता अपने सहयोगियों के साथ रांची से पटना लौट रहे थे। इसके लिए उन्होंने जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा शुरू की थी। सफर के दौरान वह कुछ खाने का सामान लेने के लिए दूसरी बोगी में जाने की बात कहकर अपने साथियों से अलग हुए। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की।

साथियों ने ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में उन्हें खोजा, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मुरी स्टेशन पर मामले की सूचना दी गई। रेल मदद के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई। बताया गया है कि देवपालिक के लापता होने के संबंध में सोमवार रात करीब 9 बजे प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

रेलवे लाइन के पास मिला शव, मौत की वजह पर सवाल

तलाश के बीच मंगलवार को देवपालिक का शव अनगड़ा थाना क्षेत्र में झाड़ियों से मिलने की सूचना मिली। घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। रेलवे सुरक्षा बल से जुड़े सूत्रों ने चलती ट्रेन से गिरने की आशंका जताई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

कुशीनगर के रहने वाले थे, IIMC से की थी पढ़ाई

देवपालिक गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी थे। 31 वर्षीय देवपालिक ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पढ़ाई की थी। पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करने के बाद वह जन सुराज की डिजिटल कम्युनिकेशन टीम से जुड़े थे।

पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल अभियानों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है। वह अपनी टीम के साथ पिछले करीब चार वर्षों से डिजिटल कम्युनिकेशन से संबंधित काम कर रहे थे।

जन सुराज ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

देवपालिक की मौत के बाद जन सुराज ने दुख व्यक्त करते हुए पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी मौत दुर्घटना का नतीजा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

पार्टी ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की साजिश को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। हालांकि, यदि जांच में किसी राजनीतिक या गैर-राजनीतिक साजिश के संकेत मिलते हैं, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

जन सुराज की ओर से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश देने और जल्द जांच पूरी कराने का अनुरोध किया गया है। पार्टी के मुताबिक, प्रशांत किशोर भी इस मामले को लेकर झारखंड सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं।

अब जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

रांची से पटना जाते समय देवपालिक के अचानक लापता होने और बाद में उनका शव मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इनसे ही उनकी मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। मामले में किसी साजिश या अन्य कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

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