रिपोर्ट: संतेश्वर वर्मा
दिल्ली: यूरोपीय देश स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर से बड़ा रेल हादसा हो गया। हादसे में 46 लोगों की मौत और 179 लोगों के घायल होने की खबर है। दुर्घटना राजधानी मैड्रिड को दक्षिणी अंडालूसिया क्षेत्र से जोड़ने वाले रेल मार्ग पर हुई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, मेडिकल टीम और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद में जुट गए।
स्पेनिश मीडिया की शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे हुई। हादसे की सूचना मिलने के बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, सिग्नलिंग में गड़बड़ी या मानवीय चूक जैसी संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है, लेकिन हादसे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने जताया दुख
रेल नेटवर्क का संचालन करने वाली कंपनी एडिफ (Adif) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हादसे की जानकारी साझा की। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दल घटनास्थल पर मौजूद हैं और पीड़ितों की सहायता की जा रही है।
वहीं, टोलेडो प्रांत के उर्दा शहर के मेयर मैनुअल गालान के मुताबिक, बचाव दल ने घायलों की देखभाल के लिए एक स्पोर्ट्स हॉल तैयार रखने को कहा था। प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं कीं।
दोनों ट्रेनों में 500 से अधिक यात्री सवार होने की खबर
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में सरकारी रेलवे कंपनी रेनफे (Renfe) की एवीई हाई-स्पीड ट्रेन और निजी कंपनी इरियो (Iryo) की ट्रेन शामिल थीं। रिपोर्टों में बताया गया कि मैड्रिड-सेविले रेल मार्ग पर उर्दा के पास यह टक्कर हुई। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना के बाद ट्रेन के कई डिब्बे पुल से नीचे गिरने की खबर सामने आई।
दोनों ट्रेनों में 500 से अधिक यात्रियों के सवार होने की बात कही गई है। राहतकर्मी दुर्घटनास्थल पर यात्रियों को बाहर निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे रहे। हादसे के बाद रेल सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई।
स्पेन में पहले भी हो चुके हैं बड़े रेल हादसे
स्पेन में पहले भी गंभीर रेल दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे हादसों के बाद रेल सुरक्षा, सिग्नलिंग व्यवस्था और ट्रेनों के संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते रहे हैं।
हालांकि, मौजूदा दुर्घटना और पहले की किसी घटना के बीच समानता या कारणों का संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल अधिकारियों के सामने घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने और रेल यातायात को सामान्य बनाने की चुनौती है।





