रिपोर्ट- प्रीती पांडेय
डूंगरपुर। OTT प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया आया और देखते ही देखते जाली नोटों का कारोबार पांच राज्यों तक फैल गया। राजस्थान की डूंगरपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा को पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 1,300 किलोमीटर तक पीछा किया। इस मामले में छह अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 4.95 लाख रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
वेब सीरीज देखकर नकली नोट छापने की योजना
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने नकली नोट तैयार करने के लिए यूट्यूब और फोटोशॉप की मदद ली। इसके बाद 500 रुपये के जाली नोट छापने का काम शुरू किया गया। नोट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला कागज चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा से ऑनलाइन मंगाए जाने की बात भी सामने आई है।
पांच राज्यों तक फैला था नेटवर्क
जांच में सामने आया कि गिरोह का कथित नेटवर्क राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में अलग-अलग राज्यों में रहने वाले लोग शामिल थे, जिनकी भूमिका नकली नोट तैयार करने और उसके लिए सामग्री उपलब्ध कराने से जुड़ी बताई जा रही है।
यूट्यूब, फोटोशॉप और टेलीग्राम के जरिए चल रहा था काम
पुलिस के मुताबिक, अंबाला निवासी आनंद राजपूत ने यूट्यूब और फोटोशॉप की मदद से नकली नोट तैयार करना सीखा था। वहीं, कानपुर निवासी आरिफ मोहम्मद उर्फ अंकित पर टेलीग्राम पर ‘अंकित पेपर सेलर’ नाम से चैनल बनाकर इस काम के लिए सामग्री उपलब्ध कराने का आरोप है। छत्तीसगढ़ के तरुण मालेकर ने कथित तौर पर 500 रुपये के नोटों की PSD फाइलें भेजी थीं।
4.95 लाख रुपये के नकली नोट बरामद
डूंगरपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवि कुमार मिश्रा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 4.95 लाख रुपये के जाली नोट और प्रिंटर समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क, नकली नोटों की सप्लाई और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।





