काशी विश्वनाथ मंदिर में सोना गायब होने का आरोप, PMO के संज्ञान के बाद जांच तेज; मंदिर प्रशासन ने दी सफाई
वाराणसी: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े विवादों के बीच अब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सोना गायब होने का आरोप सामने आया है। एक अधिवक्ता ने मंदिर के शिखर और उत्तरी द्वार के ऊपर से सोने के कलश हटाए जाने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पर संज्ञान लिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मंदिर प्रशासन ने सोने के कलश को सुरक्षित रखे जाने की जानकारी देते हुए उसके दोबारा स्थापित करने की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण दिया है।
अधिवक्ता ने PMO को भेजी शिकायत
तेलियाबाग निवासी और बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अधिवक्ता नित्यानंद राय के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय और मंडल आयुक्त को शिकायत भेजी थी। शिकायत में मंदिर के उत्तरी द्वार के ऊपर दो स्थानों पर सोने के कलश दिखाई नहीं देने और उनकी जगह पेंट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित स्थानों पर करीब दो से तीन फीट चौड़े हिस्से में बदलाव दिखाई देता है। उन्होंने मंदिर में पहले भी सोने-चांदी की चोरी की घटनाओं का हवाला देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
PMO के संज्ञान के बाद प्रशासन सक्रिय
शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय के संज्ञान लेने के बाद वाराणसी जिला प्रशासन ने जांच शुरू की। इस दौरान शिकायतकर्ता का बयान भी दर्ज किया गया। अधिवक्ता ने तस्वीरों के आधार पर जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आईजीआरएस पोर्टल पर दोबारा शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने मंदिर परिसर में सोने और चांदी से जुड़े कार्यों, उनकी मौजूदा स्थिति और संबंधित रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि मंदिर में लगे सोने-चांदी का विस्तृत ब्योरा वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
मंदिर प्रशासन ने क्या सफाई दी?
मामले पर वाराणसी के मंडलायुक्त और काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पदेन अध्यक्ष एस. राजलिंगम ने अलग जानकारी दी है। उनके अनुसार, पहले हुई एक घटना में सोने का एक कलश गिर गया था, जिसे सुरक्षित रूप से विश्वनाथ धाम में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि कलश को दोबारा स्थापित करने से पहले तकनीकी जांच जरूरी है। इसके लिए आईआईटी मद्रास से संपर्क किया गया है और संस्थान की टीम प्राथमिक सर्वे भी कर चुकी है। तकनीकी परीक्षण के आधार पर कलश को फिर से स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मंदिर में सोने-चांदी का विवरण सार्वजनिक करने की मांग
अधिवक्ता नित्यानंद राय ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि धाम में जहां-जहां सोने और चांदी का इस्तेमाल किया गया है, उसका विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें शिखर पर सोने से संबंधित बदलाव की जानकारी सावन के दौरान दर्शन के समय हुई थी।
फिलहाल, सोना चोरी होने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता के दावों और मंदिर प्रशासन की सफाई के बीच जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। प्रशासनिक जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





