LAC पर चीन से तनाव बरकरार, ITBP ने तैयार की शौर्य कमांडो यूनिट; ड्रोन और एंटी ड्रोन क्षमता बढ़ाने पर जोर
रिपोर्ट: संतेश्वर वर्मा
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर झड़पें और तनाव कोई नई बात नहीं है। भारत और चीन के बीच LAC को लेकर सहमति का अभाव है। दोनों देशों के सीमा संबंधी दावों के चलते कई इलाकों में अक्सर सैनिक आमने-सामने आ जाते हैं। हालांकि, तनाव की स्थिति को लेकर दोनों देशों की सरकारें सार्वजनिक रूप से कम ही स्वीकारोक्ति करती हैं। इसी बीच, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में जुलाई से चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है।
ITBP बेस पर जवानों को संबोधित करते हुए कपूर ने कहा कि भारत के सबसे बड़े विरोधी चीन का मुकाबला करने के लिए युद्ध के पारंपरिक तरीके अब पर्याप्त नहीं हैं। ड्रोन ने पारंपरिक युद्ध की रणनीति को काफी बदल दिया है। ऐसे में ITBP ड्रोन बनाने और एंटी-ड्रोन क्षमता को मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि LAC के पास अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए ITBP भूमिगत शेल्टर बना रही है।
LAC से महज छह-सात किलोमीटर दूर चीनी सैनिकों के तंबू

ITBP प्रमुख ने राजस्थान के अलवर में जवानों को संबोधित करते हुए बताया कि असफिला जैसे इलाकों में चीनी सैनिकों ने भारत की समझ के मुताबिक LAC से महज छह-सात किलोमीटर दूर अपने तंबू लगा रखे हैं।
शौर्य कमांडो नाम से नई लड़ाकू इकाई तैयार
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने गुरुवार को बताया कि बल ने शौर्य कमांडो नाम से एक नई लड़ाकू इकाई तैयार की है। इन कमांडो ने अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीनी सेना PLA के साथ जारी गतिरोध के दौरान अपनी क्षमताएं साबित की हैं।
कपूर के मुताबिक, हर बॉर्डर बटालियन में कमांडो तैनात किए जाएंगे। ITBP चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी युद्ध-तैयारी को मजबूत कर रही है।
उच्चस्तरीय बैठकों के बावजूद तनाव बरकरार 
ITBP प्रमुख ने कहा कि जुलाई से अब तक दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद सीमा पर तनाव बरकरार है। इसी बीच सितंबर में 18वां ब्रिक्स सम्मेलन भी आयोजित हुआ, जिसमें हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आए थे।
विपक्ष ने चीन नीति को लेकर सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीन के सामने लगातार सोच-समझकर रियायतें दे रही है, जबकि सीमा पर तनाव को लेकर प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध रखी है।
जयराम रमेश ने लिखा कि 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री की ओर से चीन को दी गई कथित ‘क्लीन चिट’ की कीमत भारत चुका रहा है।
वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सरकार की चीन नीति की आलोचना की है। विपक्ष ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से गांवों के नाम बदले जाने, बड़े बांधों के निर्माण और बढ़ते व्यापार घाटे जैसे मुद्दे उठाकर केंद्र सरकार को घेरा है।





