प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ बयान पर भाजपा हमलावर, संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बीच बढ़ा विवाद; संबित पात्रा ने लगाया देश के दुश्मनों से हाथ मिलाने का आरोप, नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर भी भाजपा ने उठाए सवाल
नई दिल्ली: देश में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के कथित ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयान ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बयान को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष का आंदोलन केवल चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने की कोशिश का हिस्सा है। हालांकि, सत्ता परिवर्तन को लेकर प्रशांत भूषण की टिप्पणी और भाजपा की प्रतिक्रिया के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
प्रशांत भूषण के बयान से क्यों मचा बवाल?
गुरुवार को प्रशांत भूषण ने नेहा बोरा और अभिजीत दिपके के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जो कदम उठा ले, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने भारत में ‘रिजीम चेंज’ करने के अपने इरादे की बात भी कही।
उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई। भाजपा ने इसे विपक्ष के आंदोलन के पीछे की मंशा से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला। हालांकि, सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयान की व्याख्या को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
‘भारत को पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं बनने देंगे’: संबित पात्रा
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रशांत भूषण की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी और विपक्षी दलों को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR का मुद्दा केवल एक बहाना है और राहुल गांधी का असली उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता हासिल करना है।
संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा भारत को पाकिस्तान या बांग्लादेश जैसी स्थिति में नहीं जाने देगी।
भाजपा सांसद ने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक नाटक बताते हुए दावा किया कि आंदोलन के जरिए प्रधानमंत्री पद हासिल करने की उम्मीद करना महज एक कल्पना है।
‘राहुल गांधी देश के दुश्मनों से मिल गए हैं’: भाजपा का आरोप
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे देश के दुश्मनों के साथ मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को उम्मीद है कि जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन आगे चलकर उसे सत्ता तक पहुंचा देगा।
पात्रा ने विपक्ष पर हिंसा और अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। भाजपा का कहना है कि इस तरह की राजनीति से विपक्ष को कोई फायदा नहीं होने वाला।
हालांकि, ये आरोप भाजपा नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर भी विवाद
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की टिप्पणी भी विवाद का विषय बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नेहा बोरा ने दिल्ली में युवाओं के सड़कों पर उतरने की तुलना बांग्लादेश में Gen-Z के नेतृत्व वाले आंदोलन से की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि दिल्ली के प्रदर्शन के पीछे बांग्लादेश में हुए आंदोलन से प्रेरणा मिली थी।
इस बयान को लेकर भाजपा ने विपक्ष पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का उद्देश्य आंदोलन के जरिए सत्ता हासिल करना है और नेहा बोरा की टिप्पणी से विपक्ष की कथित रणनीति सामने आ गई है।
भाजपा ने इस तुलना को भारतीय लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
SIR के मुद्दे पर विपक्ष और भाजपा आमने-सामने
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन अब चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ भाजपा प्रदर्शन के उद्देश्य और विपक्ष के नेतृत्व पर हमला कर रही है।
प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ संबंधी बयान और नेहा बोरा की बांग्लादेश से जुड़ी टिप्पणी ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि विपक्ष इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव क्या नया मोड़ लेता है।





