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हरियाणा बिजली कर्मचारी हड़ताल : 40 हजार कर्मचारी सड़कों पर, गुरुग्राम-नूंह में बिजली-पानी संकट से हाहाकार

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हाहाकार, कई कंपनियां बंद, पानी की सप्लाई ठप; 24 घंटे से अंधेरे में कई इलाके

निजीकरण के विरोध में 40 हजार बिजली कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर, गुरुग्राम से नूंह और सोनीपत तक बिजली-पानी का संकट; सड़कों पर उतरे लोग

रिपोर्ट- संतेश्वर वर्मा

हरियाणा। बिजली क्षेत्र के कथित निजीकरण के विरोध में हरियाणा में बिजली विभाग के करीब 40,000 कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल का असर अब राज्य के कई जिलों में दिखाई देने लगा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और भिवानी समेत कई इलाकों में बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पानी की सप्लाई और औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। कई इलाकों में लोगों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ रहा है, जबकि बिजली संकट से परेशान लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।

गुरुग्राम में रातभर बिजली संकट, कई रिहायशी इलाकों में कटौती से लोग परेशान

गुरुग्राम में बुधवार देर रात से बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। गुरुवार रात करीब 10 से 12 बजे के बीच महज दो घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन इसके बाद दोबारा बिजली गुल हो गई। इससे शहर के कई इलाके अंधेरे में डूब गए।

सब-डिवीजन सेक्टर-2 ब्लॉक-बी, अशोक विहार फेज-2 और 3, सेक्टर-5, दयानंद कॉलोनी, सेक्टर-4, भीमगढ़ खेड़ी, पालम विहार सब-डिवीजन, सेक्टर-23, राजेंद्र पार्क, रतन विहार, विष्णु गार्डन और सेक्टर-105 जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। बिजली नहीं होने से लोगों को घरेलू कामकाज के साथ-साथ पानी की उपलब्धता को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली मंत्री अनिल विज ने दिया निजीकरण का फैसला वापस लेने के संकेत

बिजली संकट के बीच पंचकूला में हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मामले का समाधान लगभग हो चुका है और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी बातचीत की गई है। जल्द ही पंचकूला में बिजली कर्मचारियों के साथ बातचीत शुरू होगी।

अनिल विज के मुताबिक, कर्मचारी नेताओं की ओर से इमरजेंसी कैबिनेट बैठक बुलाकर लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव रखने की बात कही गई है। उनके बयान के बाद हड़ताल खत्म होने की उम्मीद जगी है, लेकिन अंतिम फैसला बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा।

कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया, समाधान पर टिकी नजरें

बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता रविंद्र घनघस के मुताबिक, सरकार ने मोर्चा के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक में कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल खत्म कराने को लेकर चर्चा होगी।

कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। अब इस बैठक से निकलने वाले समाधान पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि बातचीत सफल रहती है, तो बिजली आपूर्ति सामान्य करने की दिशा में रास्ता निकल सकता है।

नूंह में 24 घंटे से बिजली गुल, पानी के लिए भी बढ़ी परेशानी

नूंह जिले में बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां करीब 24 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आई हैं। बिजली नहीं होने से आम लोगों के साथ-साथ मवेशियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। बिजली से चलने वाले उपकरण बेकार पड़े हैं, जबकि बिजली कार्यालयों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है।

सोनीपत में भी हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेवाड़ी में ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, नेशनल हाईवे-352 किया जाम

बिजली कटौती से परेशान रेवाड़ी के ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज पलहावास और आसपास के गांवों के लोग घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए नेशनल हाईवे-352 पर जाम लगा दिया।

प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।

सोनीपत में बिजली-पानी की किल्लत पर दिल्ली रोड जाम

सोनीपत में भी बिजली और पानी की समस्या को लेकर लोगों ने दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद सेक्टर-27 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को शाम चार बजे तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खुलवाया गया।

लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर उनके रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहा है। अब लोगों को इंतजार है कि विभाग कब तक व्यवस्था सामान्य कर पाता है।

दीपेंद्र हुड्डा ने नायब सैनी सरकार पर साधा निशाना

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल और राज्य में पैदा हुए संकट को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए लिखा, “हरियाणा के सीएम हैं नायब, प्रदेश में बिजली है गायब।”

दीपेंद्र हुड्डा ने अपने पोस्ट के साथ लोगों के प्रदर्शन का वीडियो भी साझा किया। विपक्ष ने बिजली संकट को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है, जबकि सरकार की ओर से कर्मचारियों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

गुरुग्राम में बिजली शिकायतों के लिए हेल्पलाइन जारी

बिजली संकट के बीच गुरुग्राम जिला प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिजली आपूर्ति में बाधा, तकनीकी खराबी या पावर कट से जुड़ी शिकायतें निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों पर दर्ज कराएं।

फिलहाल हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर कई जिलों में दिखाई दे रहा है। आम लोगों से लेकर उद्योगों तक पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। अब सबकी नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर है, जिससे हड़ताल खत्म होने और बिजली-पानी की व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है।

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